सेवा में,
जिला शिक्षा पदाधिकारी-सह-जिला कार्यक्रम पदाधिकारी,
समग्र शिक्षा अभियान, देवघर।
द्वारा-
प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी,
सोनारायठाढ़ी, देवघर।
विषय :- राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय, सोनारायठाढ़ी में लिपिक (क्लर्क) की स्थायी पदस्थापना/प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित कराने एवं वर्तमान व्यवस्था का पुनर्विचार करने के संबंध में पुनः स्मारण-पत्र।
संदर्भ :-
१. इस कार्यालय द्वारा पूर्व में प्रेषित आवेदन पत्र (दो बार), जिस पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
२. वर्तमान लिपिक के प्रतिनियोजन संबंधी आदेश, जिसके अनुसार माह की 22 तारीख से अंतिम कार्य दिवस तक विद्यालय में कार्य करना निर्धारित है।
३. संलग्नक - लिपिक की उपस्थिति पंजी की छायाप्रति।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय, सोनारायठाढ़ी, देवघर का प्रभारी प्रधानाध्यापक होने के नाते आपका ध्यान विद्यालय में उत्पन्न अत्यंत गंभीर प्रशासनिक स्थिति की ओर आकृष्ट कराना चाहता हूँ।
विदित हो कि विद्यालय के नियमित लिपिक वर्तमान में आपके कार्यालय में प्रतिनियोजित हैं। पूर्व में मेरे द्वारा निवेदन किए जाने के उपरांत यह व्यवस्था की गई थी कि वे प्रत्येक माह 22 तारीख से अंतिम कार्य दिवस तक विद्यालय में कार्य करेंगे। परंतु अत्यंत खेद के साथ निवेदन है कि वे उक्त निर्धारित अवधि में भी नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित नहीं होते हैं।
जब इस संबंध में उनसे जानकारी प्राप्त की जाती है, तब उनके द्वारा यह कहा जाता है कि वे जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में ही माननीय महोदय के निर्देशानुसार कार्यरत हैं। इस तथ्य के समर्थन में उनके उपस्थिति पंजी की छायाप्रति संलग्न की जा रही है।
महोदय, मुझे पूर्ण विश्वास है कि जिला कार्यालय में भी कार्यों का अत्यधिक दबाव है तथा उनके सहयोग की आवश्यकता होगी। किंतु यह भी उतना ही सत्य है कि किसी एक कार्यालय की प्रशासनिक आवश्यकता की पूर्ति दूसरे कार्यालय के पूर्णतः प्रभावित होने की कीमत पर नहीं की जा सकती।
हमारा विद्यालय सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में स्थित है, जहाँ लगभग 1400 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। वर्तमान समय में स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (TC), अंकपत्र (Marksheet), प्रमाण-पत्र (Certificate), नामांकन, छात्रवृत्ति, अपार आईडी, ई-कल्याण, बोर्ड परीक्षा, विभिन्न विभागीय पोर्टलों पर प्रतिवेदन अपलोड करने तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों के कारण प्रतिदिन अभिभावकों एवं विद्यार्थियों की अत्यधिक भीड़ रहती है।
लिपिक के अभाव में इन सभी कार्यों का भार शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापक पर आ जाता है, जिसके कारण शिक्षकों का बहुमूल्य शैक्षणिक समय कार्यालयी कार्यों में व्यतीत हो रहा है तथा विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। यह स्थिति बच्चों के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार के भी प्रतिकूल है।
विदित हो कि विद्यालय में चपरासी का पद भी रिक्त/अनुपलब्ध है। परिणामस्वरूप कार्यालय के सामान्य कार्य, अभिलेखों का संधारण, डाक प्रेषण, अभिलेख निर्गमन तथा अन्य सहायक कार्य भी शिक्षकों द्वारा ही संपादित किए जाते हैं, जिससे विद्यालय का समस्त प्रशासनिक ढाँचा अत्यधिक प्रभावित हो रहा है।
महोदय, यह भी निवेदन है कि इस विषय पर पूर्व में दो बार आवेदन प्रेषित किया जा चुका है, किंतु आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ऐसी स्थिति में विद्यालय प्रशासन विभागीय निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन करने में निरंतर कठिनाइयों का सामना कर रहा है। भविष्य में यदि अभिलेख निर्गमन, प्रमाण-पत्र वितरण अथवा विभागीय प्रतिवेदन में विलंब के कारण कोई प्रशासनिक अथवा विधिक विवाद उत्पन्न होता है, तो उसका मूल कारण विद्यालय में लिपिकीय व्यवस्था का अभाव होगा, न कि विद्यालय प्रशासन की उदासीनता।
अतः आपसे सादर अनुरोध है कि विद्यार्थियों के हित, विद्यालय के सुचारु प्रशासन, विभागीय कार्यों के समयबद्ध निष्पादन तथा शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 एवं सुशासन के सिद्धांतों को दृष्टिगत रखते हुए निम्न में से किसी एक व्यवस्था को अविलंब लागू करने की कृपा करें-
१. वर्तमान प्रतिनियोजित लिपिक को पूर्णकालिक रूप से मूल विद्यालय में कार्य करने हेतु निर्देशित किया जाए, अथवा
२. यदि जिला कार्यालय में उनकी सेवाएँ अपरिहार्य हों, तो उनके स्थान पर किसी अन्य लिपिक की स्थायी पदस्थापना अथवा प्रतिनियुक्ति तत्काल प्रभाव से इस विद्यालय में की जाए।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि विद्यार्थियों के हित एवं विद्यालय की वास्तविक आवश्यकता को देखते हुए इस विषय में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
संलग्नक :-
१. लिपिक की उपस्थिति पंजी की छायाप्रति।
२. पूर्व में प्रेषित आवेदन पत्रों की प्रतिलिपियाँ।
भवदीय,
(संजय कुमार कुशवाहा)
प्रभारी प्रधानाध्यापक
राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय, सोनारायठाढ़ी, देवघर
प्रतिलिपि :
१. प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, सोनारायठाढ़ी - आवश्यक अनुशंसा सहित अग्रसारित करने हेतु।
२. कार्यालय प्रति।
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